भूपेश सरकार कर रही जनता के बेहत्तरी के कार्य, ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा विकास
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार जनता की बेहतरी के निर्णय लिए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती, बस्तर में उद्योग के लिए अधिगृहित भूमि किसानों को वापस करने, तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर चार हजार करने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ करने, दिव्यांगजनों के विवाह हेतु दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर एक लाख रूपए करने, एनएमडीसी के नगरनार प्लांट में ग्रुप डी और सी की भर्ती परीक्षा दंतेवाड़ा में कराने के ऐतिहासिक फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने अपने फैसलों से गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाये हैं। पुरखों के सपनों के अनुरूप एक ऐसे छत्तीसगढ़ के निर्माण का सपना साकार होगा, जहां समाज के सभी वर्ग सशक्त और खुशहाल होंगे और हमारी कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उनके नेतृत्व में पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। जनता की नब्ज को पहचानते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। औद्योगिक वातावरण को बदलने के लिए खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर कृषि आधारित नए उद्योगों की स्थापना के लिए पहल की जा रही है, इससे जहां स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा वहीं किसानों और वनाचलों में वनोपज का संग्रहण करने वाले परिवारों की आमदनी में वृद्धि होगी। नई सरकार के गठन और उनके द्वारा लिए जा रहे नए फैसलों और कदमों से नई उम्मीदें जागी है। किसान हितैषी फैसलों से प्रदेश में विकास, विश्वास और उत्साह का नया वातावरण बना है। लोगों की क्रय शक्ति बढऩे के साथ ही उनका मान-सम्मान भी बढ़ा है।

समस्याओं के समाधान करने शोध पर ध्यान
वे नदी-नालों के पुनर्जीवन के लिए आधुनिक तकनीक पर विशेष बल देते हैं। बघेल विद्यार्थियों को हमेशा वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकों के उपोग के प्रति सजग रहने की समझाईश देते हैं । उनका मानना है कि हमारे देश के कई महान वैज्ञानिक दिए, लेकिन उन्नीसवीं सदी तक हम ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में पिछड़ गए। इसका मुख्य कारण हमने सवाल पूछना बंद कर दिया है। उनका मानना है कि आज की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए हमें शोध पर ध्यान देना होगा।

ग्राम और ग्रामीणों के विकास की अवधारणा

उन्होंंनेे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ग्राम और ग्रामीणों के विकास की अवधारणा के अनुरूप ग्रामीण जनजीवन को खुशहाल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरवा घुरवा बाड़ी को आधार बनाकर सुराजी गांव योजना शुरू की है। गांवों के लोगों को रोजगार और उनकी आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए गए। जन चौपाल-भेंट मुलाकात के जरिए आम जनता से नजदीकी बनाए रखने की कोशिश की जा रही है इन मुलाकातों में लोगों से फीड बेक लेने के साथ ही उनकी समस्याओं और तकलीफें भी सुनी जा रही हैं।

कृषि आधारित उद्योगों पर जोर

मुख्यमंत्री का मानना है कि किसानों की उन्नति के लिए खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर हमें कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना करनी चाहिए जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें, जिससे यहां उत्पादित कृषि उपज और वनोपज का बेहतर मूल्य यहां के निवासियों को मिल सके। उन्होंने नई उद्योग नीति में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को विशेष प्राथमिकता देने की भी घोषणा की है। वनांचल में रहने वाले लोगों की दिक्कत को समझते हुए उन्होंने वन अधिकार कानून के तहत प्राप्त आवेदनों की पुन: समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।