करीब सात दिनों तक प्रतिबंध झेलने के बाद टेलीग्राम बैन हटाया गया और प्लेटफॉर्म एक बार फिर भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध हो गया। गूगल प्ले स्टोर पर ऐप की वापसी के साथ लाखों उपयोगकर्ताओं को राहत मिली है, जो संचार और सूचना साझा करने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं।
आखिर क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?
सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला तब लिया था जब नीट परीक्षा से जुड़े कथित फर्जी प्रश्नपत्र, भ्रामक सूचनाएं और धोखाधड़ी से संबंधित सामग्री प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने प्लेटफॉर्म की भूमिका की समीक्षा की और अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया।
टेलीग्राम बैन हटाया गया, लेकिन पूरी राहत नहीं
प्रतिबंध हटने के बावजूद टेलीग्राम को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ फीचर्स पर निगरानी जारी रहेगी और प्लेटफॉर्म को कंटेंट मॉडरेशन के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इसी कारण कई डिजिटल विशेषज्ञ इस फैसले को सशर्त राहत मान रहे हैं।
मैसेज एडिटिंग फीचर पर बनी हुई है रोक
हालांकि टेलीग्राम बैन हटाया गया, लेकिन मैसेज एडिटिंग फीचर को फिलहाल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस फीचर का उपयोग कुछ मामलों में भ्रामक सामग्री को संशोधित करने के लिए किया जा सकता है। इसलिए जांच पूरी होने तक इस सुविधा पर नियंत्रण बनाए रखा जाएगा।
पावेल डुरोव ने उठाए सवाल
टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने प्रतिबंध के दौरान सरकार के फैसले पर असहमति जताई थी। उनका कहना था कि कुछ उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों के कारण पूरे प्लेटफॉर्म को दंडित करना उचित नहीं है। हालांकि टेलीग्राम बैन हटाया गया के बाद कंपनी ने भारतीय यूजर्स को सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए बढ़ सकती हैं चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल टेलीग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में अन्य सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू हो सकते हैं। सरकारें अब डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित होने वाली सामग्री को लेकर अधिक जवाबदेही चाहती हैं।
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