रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृति में एक प्रथा है सगा बुलाना, इसमें कोई बड़ा काम होने या प्रांरभ करने से पहले सगा बुलाते है। मुख्यमंत्री हफ्ते भर में ओबीसी समाज के प्रतिनिधि मंडलो को निमंत्रण दे चुके हैं। इसके अलावा वे आदिवासी समाज के धड़े गोंड, हल्बा, उरांव व कवार समाज को भी सीएम हाउस बुला रहे हैं। सोमवार को भी उन्होंने आदिवासी समाज को निमंत्रण दिया था।

सभी समाज को सीएम अपनी उपलब्धता के अनुसार बुला रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीएम राज्य के सभी समाज को वे नाते-रिश्तेदार मन जाता है। इस वजह से कोई महत्वपूर्ण कार्य करते वक़्त मेहमान के रूप में सभी को न्योता देकर सलाह-मशविरा व जरूरतों व समस्याओ पर एक साथ बैठकर चर्चा होती है, जैसे गांव में चौपालों या पंचायत में भी होती है। कांग्रेस सरकार आने के बाद आदिवासी समाज में जागरूकता नजर आ रही है।

आदिवासी समाज की समस्याओं के निदान के उपसमिति

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार आदिवासियों के हकों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार आदिवासी समाज को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकार देने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। आदिवासी समाज से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए राज्य सरकार ने मंत्रिमण्डलीय उप समिति एवं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सचिवों की उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। सचिवों की उच्च स्तरीय कमेटी आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों एवं प्रमुखों से सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास के साथ-साथ आदिवासी समाज के संवैधानिक हितों के संरक्षण के लिए विचार-विमर्श कर अपनी रिपोर्ट मंत्रिमण्डलीय उप समिति को प्रस्तुत करेगी। मंत्रिमंडलीय उप समिति यह रिपोर्ट केबिनेट में प्रस्तुत करेगी।