मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान हितैषी योजनाओ से खेती किसानी से जुड़े युवाओं का उत्साह बढ़ा है। भूपेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का जो वादा किया था, वो वादा पूरा हुआ है। इसका नतीजा ये हुआ कि धान बिक्री के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, कृषि ऋण योजना सहित अन्य योजनाओं से किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहे हैं। इसका कारण किसानों जेब में पहुंचा पैसा है। इसलिए कोरोना जैसी भीषण महामारी में भी किसानों को अपेक्षाकृत कम परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
राज्य में समर्थन मूल्य पर सबसे ज्यादा धान खरीदी जांजगीर-चांपा जिले में होती है। इसके लिए खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 196 सहकारी समितियों के जरिए 231 उपार्जन केन्द्रों में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा किसानो से धान उपार्जन किया जाएगा। पिछले 3 सालों में 75 नई समितियां और 20 नए उपार्जन केन्द्रों का गठन किया गया है। इससे पहले तक जिले में 121 समितियां और 211 उपार्जन केन्द्रों के जरिए धान खरीदी की जाती थी।
प्रोत्साहित हुए किसान
छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसान निश्चित तौर पर प्रोत्साहित हुए हैं। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसान निरंतर बढ़े हैं। साथ ही खरीदे गए धान की मात्रा भी बढ़ी है। अब इस बार सरकार का लक्ष्य 105 लाख मीट्रिक टन है। किसानों की ये बढ़ती संख्या और धान खरीदी के लक्ष्य में बढ़त भूपेश सरकार पर किसानों के भरोसे को दर्शाता है। ऐसे में ‘भूपेश है तो भरोसा है’ का नारा चरितार्थ होता है।
भूपेश सकार के तीन साल: ‘छत्तीसगढ़ के हर नागरिक की क्रय शक्ति बढ़ाना ही छत्तीसगढ़ मॉडल का उद्देश्य’
आर्थिक संपन्नता की ओर किसान
इसी तरह दूसरी किसान हितैषी योजनाओं से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। शासन की राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से भी गरीब किसानों को आर्थिक बल देगी। इस योजना के तहत हर कृषक परिवार को साल में 6 हजार रुपये अनुदान राशि दी जाएगी। ऐसे ही गोधन न्याय योजना के जरिए पशुपालक किसानों को गोबर बेचने से अतिरिक्त आय होने लगी है। दूसरी तरफ गांवों में जैविक खाद मिलने से किसान जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित भी हुए हैं और इस दिशा में आगे बढ़े हैं। इससे रासायनिक खाद से होने वाले नुकसान से हम सुरक्षित रहेंगे और पौष्टिक अनाज का उत्पादन भी होगा।
जनता की सरकार बनी भूपेश सरकार
तीन साल के अपने कार्यकाल में भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ियों को ये बताने में कामयाब हुए हैं कि ये सरकार किसानों, मजदूरों, गरीबों और ‘जनता’ की सरकार है। पिछले डेढ़ दशक से चल रहे एक कल्चर को खत्म करते हुए ये सरकार वास्तव में लोगों के बीच पहुंची है। आडंबरों और वीआईपी कल्चर से दूर ये सरकार आम जन की सरकार सभी को गले लगाने वाली सरकार बनी है।
छत्तीसगढ़ सरकार के तीन साल: कांग्रेस ने गिनाई उपलब्धियां, 36 में 34 वादे पूरे करने का दावा
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
