हिंदी के प्रख्यात कवि विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य अकादमी की प्रतिष्ठित महत्तर सदस्यता प्रदान की गई है। उनके साथ प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक रस्किन बांड को भी महत्तर सदस्य घोषित किया गया है। अकादमी की आम परिषद के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर काम्बर की अध्यक्षता में 18 सितंबर को हुई बैठक में अपने सर्वोच्च सम्मान, फैलोशिप की घोषणा की गई। गौरतलब है कि यह फैलोशिप भारत के साहित्य अकादमी द्वारा प्रदान किया जाने वाला सर्वाच्च सम्मान है। सन 1968 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन इस फैलोशिप के लिए चुने गए पहले लेखक थे।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बधाई देते हुए ट्वीट किया – विनोद कुमार शुक्ल जी को बहुत-बहुत बधाई। सीएम ने पूरे छत्तीसगढ़ को बधाई देते हुए कहा कि हम सभी को उन पर गर्व है।
पहला कविता संग्राह 1971 में प्रकाशित
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का पहला कविता संग्रह 1971 में जय हिन्द से प्रकाशित हुआ था। 1979 में नौकर की कमीज नाम से उनका उपन्यास आया। कई सम्मानों से नवाजे जा चुके विनोद कुमार शुक्ल को उपन्यास ‘दिवार में एक खिड़की रहती है’ ‘के लिए वर्ष 1999 का ‘साहित्य आकदमी’ पुरस्कार मिल चुका है। विनोद कुमार शुक्ल के साथ अन्य लेखक भी हैं जिन्हें महत्तर सदस्यता दी गई है। इनमें सिरशेंदु मुखोपाध्याय, एम लीलावती, डॉ. तेजवंत सिंह गिल, स्वामी राम भद्राचार्य और इंदिरा पार्थसारथी भी शामिल हैं।
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