केन्द्रीय अधिकारियों ने की सड़क निर्माण की सराहना
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीसरे चरण के कार्यों की स्वीकृति तथा कार्यों की पूर्णता में देश में प्रथम स्थान पर है। केन्द्रीय सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने छत्तीसगढ़ में निर्मित ग्रामीण सड़कों एवं संधारित सड़कों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने बताया कि सड़कों में नई तकनीक के उपयोग से उनकी गुणवत्ता में वृद्धि होगी और लागत में भी कमी आएगी। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए भी उपयोगी है। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत तीसरे चरण के कार्यों की स्वीकृति तथा पूर्णता के मामले में देश में प्रथम स्थान पर हैं।
इस दौरान टीम द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत नई तकनीक से बनी सड़क का अवलोकन करते हुए सराहना की गई। टीम ने पाया कि सड़क डमरीकरण में वेस्ट प्लास्टिक सामग्री का उपयोग किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल है। उक्त कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों द्वारा अन्य राज्यों से आए प्रतिभागियों के समक्ष प्रदर्शन व परीक्षण कर सड़क निर्माण में नवीन टैक्नोलॉजी तथा वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
मिल रही बारहमासी आवागमन की सुविधा
कभी बारिश की वजह से दो-तीन दिन तक जिन गांवों में आवागमन मुश्किल हो जाता था। आज वहीं उच्च स्तरीय पुल बन जाने से बारिश का मौसम खुशियों का पैगाम लेकर आ रहा है। धमतरी जिले के कुरमातराई-भेण्ड्रा-कोर्रा मार्ग पर कुरिया नाला में 7 करोड़ 76 लाख रूपये की लागत से यह पुल दिसम्बर 2020 में बनकर तैयार हुआ। पुल के बन जाने से कोर्रा, जोरातराई, खपरी, सिलौटी, तर्रागोंदी, जुगदेही, सौराबांधा, गाड़ाडीह, रामपुर, हंचलपुर, टिपानी, बोरझरा, चरौटा, लोहारपथरा, भेण्ड्रा, रींवागहन, कुरमातराई, ईर्रा, बागतराई, मड़ईभाठा इत्यादि 23 गांवों को सीधा-सीधा फायदा हुआ है।
बुनियादी सुविधाओं में इजाफा
उच्च स्तरीय पुल से ग्रामीणों की बुनियादी सुविधा-कृषि, शिक्षा, व्यापार इत्यादि में इजाफा हुआ है। पहले जब रपटा हुआ करता था, तो बारिश के समय लोग दूर से पुलिया को देख वापस लौट जाते थे और बारिश का पानी नीचे होने का इंतजार करते थे। मगर अब 120 मीटर ऊंचा पुल ना केवल राहगीरों को भारी बारिश में भी आवागमन की सुविधा मुहैय्या करा रहा है, बल्कि गांव और आसपास के लोग पुल के नीचे बहते पानी को देखने और उस नजारे का लुत्फ लेने भी पहुंच जाते हैं। गौरतलब है कि कुरिया नाला पर 120 मीटर लंबे पुल की दोनों ओर कुल 331 मीटर पहुंच मार्ग भी विभाग द्वारा बनाया गया है। यह मार्ग कोर्रा की ओर 226.30 मीटर और चरोटा की ओर 105 मीटर लंबा है। इस पुल की चौड़ाई 12.90 मीटर है। यह पुल कोर्रा सहित आसपास के गांवों की 46 हजार 230 की आबादी को बारहमासी आवागमन की सुविधा मुहैय्या करा रहा है।
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