रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नीतियों से प्रदेश के चौतरफा विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। भूपेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खासा ध्यान दिया है। जिसमें गौठानों का बड़ा योगदान है। गौठानों में संचालित विभिन्न गतिविधियों से यहां काम करने वाली महिलाएं आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। गौठानों में मवेशियों को तो रखा ही गया है, इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिए ये आजीविका का साधन भी बना है। गौठानों में अलग-अलग तरह की खाद और अन्य उत्पादों के साथ अब कॉस्मेटिक्स और साबुन भी बनाया जाएगा।

भिलाई नगर निगम अब एक नई चीज बनाने जा रहा है। यहां के गौठानों में अब फूलों से साबुन, कॉस्मेटिक्स और फेस पैक तैयार किया जाएगा और इसकी बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों के जरिए की जाएगी। भिलाई नगर निगम के आयुक्त प्रकाश सर्वे ने इसे लेकर रविवार को शहर के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आशा स्व-सहायता समूह की सदस्य संतोषी बंजारे और विनिता वैष्णव अपनी टीम के साथ इस पर काम करेंगी।

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अमेजन और फ्लिपकार्ट में रजिस्ट्रेशन की तैयारी

इन उत्पादों के लिए मंदिरों और अन्य धार्मिक जगहों पर चढ़ने वाले फूलों का इस्तमाल किया जाएगा। इन फूलों को गौठान में इकट्ठा किया जाएगा और उसके बाद उससे प्रोडक्ट तैयार किया जाएगा। इन प्रोडक्ट की ऑनलाइन बिक्री के लिए इंडिया मार्ट, अमेजन और फ्लिपकार्ट में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जा रही है।

गौठानों में संचालित विभिन्न गतिविधियां

गौठानों में मशरूम उत्पादन का काम भी जारी है। इसकी ट्रेनिंग मिलने के बाद इस पर प्रायोगिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। महिलाओं को मशरूम उत्पादन कक्ष भी जल्द मिल जाएगा। इसके अलावा पशुओं को हरा चारा देने के लिये अलग भू-भाग में नेपियर ग्रास तैयार की जा रही है। वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए और रोटेशन बरकरार रखने के लिए करीब 100 कम्पोस्ट टैंक भी तैयार किए जा चुके है। मछली पालन की तैयारी भी अंतिम चरण पर है। गौठानों में सब्जी उत्पादन के लिए महिलाओ ने बीज बोना प्रारंभ कर दिया है। साथ ही पशु चिकित्सक भी नियमित तौर पर मवेशियों का इलाज भी कर रहे हैं।