रायपुर। राम काज किन्हें बिनु, मोहि कहां विश्राम… हनुमान जी भगवान श्रीराम की सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हैं, हमें छत्तीसगढ़ की जनता ने छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का मौका दिया है, छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सेवा करना उनके दुख दर्द दूर करना हमारा पहला कर्तव्य है और इसे पूरा करने हम संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं। ये बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के ग्राम पतोरा में कही।

पूजा अर्चना करते सीएम भूपेश बघेल

दरअसल सीएम पतोरा में हनुमान मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हनुमान जी ऐसे आराध्य हैं जिनका हर गांव में मंदिर है, हर जगह पूजा होती है। वह बल, ज्ञान और भक्ति की त्रिवेणी हैं। उन्होंने अपने अतुलित बल से लंका दहन किया, अहिरावण की भुजा उखाड़ दी। अपने सामर्थ्य को उन्होंने लोक उद्देश्य के लिए लगाया। भक्ति के प्रति उनका समर्पण भी अद्भुत है। उन्होंने अपना हृदय चीरकर श्रीराम के प्रति अपना समर्पण दिखाया।

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श्रीराम के स्मरण से बढ़कर और क्या?

भूपेश बघेल ने कहा कि श्रीराम के प्रति ऐसी निष्ठा बहुत दुर्लभ होती है। अंतिम वक्त में भी जिनकी जिह्वा में श्रीराम का स्मरण हो तो इस से बढ़कर क्या हो सकता है। महात्मा गांधी के आखिरी शब्द हे राम थे। ऐसे महात्मा पर जब कभी आक्षेप लगे तो इसका उचित उत्तर देना हम सब का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू है। अहिंसा के मार्ग पर हम चलते हैं। गुरु घासीदास ने हमें मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया है। हम सब छत्तीसगढ़ महतारी की पूरी निष्ठा के साथ और मूल्यों के साथ सेवा करते रहेंगे।

भक्ति के वातावरण से मन आनंदित हो जाता है- सीएम

सीएम भूपेश ने इस अवसर पर गोस्वामी तुलसीदास और संत कबीर की राम भक्ति का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सभी संत कवियों ने राम के अवदान को अपने-अपने तरह से व्यक्त किया है। भारत के जनमानस में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मूल्यों की अमिट छाप है। हर बार पतोरा में जब आता हूं और यहां पर राम भक्ति का सुंदर वातावरण देखता हूं, तो हमेशा मन आनंद से भर जाता है।