साइबर अपराधों को कम करने इंटरस्टेट साइबर मीटिंग कम-इंट्रेक्शन प्रोग्राम
रायपुर। बढ़ते साइबर अपराध की रोकथाम के लिए नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में इंटरस्टेट साइबर मीटिंग कम-इंट्रेक्शन प्रोग्राम आयोजित की गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ समेत 6 राज्यों के साइबर एक्सपर्ट शामिल हुए।

बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, बिहार, ओडिशा, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल के अधिकारी शामिल हैं। गृह मंत्रालय की ओर से गठित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के तकनीकी इनपुट और सहयोग से साइबर क्राइम के खिलाफ संयुक्त प्रयास और आपसी विचार-विमर्श कर साइबर अपराध से निपटने के दौरान आने वाली चुनौतियों के साथ ही अब तक मिली सफलताओं का अनुभव साझा किया जा रहा है। यूएसएसडी मोड बन रहा साइबर ठगी का नया हथियार, ऐसे रहे सावधान बैंकों के अलावा टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के नोडल अधिकारी भी शामिल पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में साइबर एक्सपर्टों के अलावा स्टेक होल्डर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और अन्य सभी बैंक के अधिकारी और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के नोडल अधिकारी भी शामिल हैं। साल 2018 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सभी राज्यों में क्षेत्रीय साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर का गठन साइबर अपराध की रोकथाम के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है। ऐसे में समन्वय के माध्यम से साइबर अपराध की विवेचना में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

एडीजी आरके विज ने बताया कि गृह मंत्रालय नई दिल्ली के तत्वाधान में बढ़ते साइबर अपराध की रोकथाम के लिए ये मीटिंग किया जा रहा है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ और इससे लग पांच राज्य झारखण्ड, बिहार, ओडिशा, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल की साइबर टीम के अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और अन्य सभी बैंक्स के अधिकारी और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाईडर के नोडल अधिकारी भी शामिल होंगे। मीटिंग में साइबर अपराध से निपटने के दौरान आने वाली चुनौतियों और अब तक मिली सफलताओं के अनुभव साझा किए जाएंगे।