रायपुर । प्रदेश में पर्यटकों को राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य घूमने के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पर्यटक अब वन्यजीवों के साथ ही प्रकृति का भी लुफ्त उठा सकेंगे। क्योंकि वन विभाग नवंबर माह में खोलने का निर्णय लिया है। वन विभाग ने इसकी तैयारी शुरु कर दी है। बारिश में चार माह तक प्रदेश के सभी अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था क्योंकि इस दौरान एक तरफ जहां वन्यजीवों का प्रजनन काल रहता है, तो वहीं दूसरी तरफ अभयारण्य के अंदर सुरक्षा एवं टूटी फूटी सड़कों के मरम्मत का काम किया जाता है।

शासन जैसे ही खोलने के तारीख निर्धारित करेगा उसके बाद आनलाइन बुकिंग शुरु कर दी जाएगी। विभाग का दावा है कि राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य के खुलने के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। ज्ञात हो कि प्रदेश में गुरु घासीदास, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, अचानक मार्ग टाइगर रिजर्व, सीता नदी टाइगर रिजर्व और 13 अभयारण्य- तमोर पिंगला, सीतानदी, अचानकमार, सेमरसोत, गोमरदा, पामेड़, बारनवापारा, उंदती, भोरमदेव, भैरमगढ़, बादलखोल आदि पर्यटकों के लिए नौ माह खुले रहते हैं।

इस साल बारिश अधिक होने की वजह से अक्टूबर माह में भी राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों को बंद कर दिया गया था क्योंकि बरसात का समय वन्यप्राणियों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान पर्यटकों की मौजूदगी से वन्यप्राणी विचलित हो जाते हैं। इसलिए राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत पर्यटकों के लिए जुलाई से सितंबर तक हर साल बंद रखा जाता है।

सुरक्षा के किए जाएंगे उपाय

कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक एक जुलाई से अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान में पर्यकों के लिए रोक लगा दी जाती है। क्योंकि इस दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा के खास उपाय किए जाते हैं। इसके साथ आस-पास के ग्रामीणों को भी आने जाने से रोक लगा दी जाती है। जिससे वन्य प्राणियों को किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाये।
वन विभाग के अधिकारी का कहना है कि पिछले साल कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन का पालन करते हुए अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यानों को खोल तो दिया गया था, लेकिन पर्यटक नहीं पहुंच रहे थे।

इस साल कोरोना का संक्रमण खत्म हो गया है। इसलिए भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद विभाग लगा रहा है।राकेश पाण्डेय, सीसीएफ, वन्यजीव बताया कि प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को एक जुलाई से 31 सितंबर तक बंद रहता है, लेकिन इस साल बारिश अधिक होने की वजह से अक्टूबर माह तक बंद है। नवंबर माह से खोलने की तैयारी की जा रही है। तारीख की घोषणा होते ही आनलाइन बुकिंग शुरु कर दी जाएगी।