• बिलासपुर में ठंड से एक बुजुर्ग की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में अलाव जलाने और जरूरतमंदों को कंबल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। सीएम ने कहा है कि तापमान में गिरावट से नागरिकों को ठंड के कारण किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि प्रदेश में उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवा के कारण उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ को पूरी तरह चपेट में ले लिया है। इसी के चलते बिलासपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस समय सरगुजा संभाग में कड़ाके की ढंड है। कोरिया जिले में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री पहुंच गया है। वहीं अंबिकापुर से जशपुर और पेंड्रा तक तापमान 4 से 5 डिग्री के बीच पहुंच गया है।

पिछले साल से ज्यादा ठंड

रायपुर में भी पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा ठंड है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में सोमवार की सुबह कड़ाके की ठंड महसूस की गई थी। सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही थी। ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री नीचे पहुंच गया था। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे में रात में ठंड और बढ़ने का पूर्वानुमान जारी कर दिया है।

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ठंड से मौत की आशंका

बता दें कि छत्तीसगढ़ में ठंड से पहली मौत हो चुकी है। रविवार की रात रतनपुर बाइपास रोड में एक बुजुर्ग ठंड से कांप रहा था, जिसे देखकर राहगीरों ने पास के अस्पताल पहुंचाया। उसकी गंभीर हालत को देखकर उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन बुजुर्ग ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने भी ठंड से उसकी मौत होने की आशंका जताई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

दो दिनों से तापमान में गिरावट

पिछले दो दिन से बिलासपुर में ठंड का पारा सामान्य से नीचे गिर गया है। मौसम विभाग ने भी तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर की संभावना जताई है। शनिवार और रविवार को सर्द हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।