रायपुर। राज्य सरकार, राजकीय वृक्ष साल के नाम पर इस साल से ‘साल इंटरनेशनल ट्राइबल फेस्टिवल’ (Sal International Tribal Festival) का आयोजन करने जा रही है। 28 अक्टूबर से शुरू होने वाला ये आयोजन 30 अक्टूबर तक होगा। यह आयोजन रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में होगा। शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। साथ ही आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई।

मुख्यमंत्री ने बदला नाम
इस आयोजन का फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने इस आयोजन को लेकर कहा कि साल छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष है। आदिवासी संस्कृति में साल वृक्ष की बड़ी महत्ता है। हमारे आदिवासी भाई साल वृक्ष को देवतुल्य मानते और पूजते हैं। आदिवासी अंचल में धूमधाम से मनाए जाने वाले सरहुल त्यौहार में साल वृक्ष की पूजा की जाती है। राजकीय वृक्ष एवं आदिवासी जनजीवन में साल वृक्ष की महत्ता को देखते हुए ट्राइबल फेस्टिवल का नाम ‘साल इंटरनेशनल ट्राइबल फेस्टिवल’ रखा जाना उपयुक्त होगा।

क्राफ्ट मेला, प्रदर्शनी सहित कई कार्यक्रम

फेस्टिवल में आदिवासियों की कला-संस्कृति, शिल्प, उनके सशक्तिकरण एवं विकास पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस मौके पर मंत्री ताम्रध्वज साहू, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, डॉ. शिव कुमार डहरिया, अमरजीत भगत, मोहम्मद अकबर, जयसिंह अग्रवाल मौजूद रहे। साथ ही मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., सचिव वित्त अलरमेल मंगई डी., मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सचिव आदिम जाति कल्याण डीडी सिंह मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम की रूपरेखा
28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक ‘साल इंटरनेशनल ट्राईबल फेस्टिवल’ होगा।
31 अक्टूबर को लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शहादत दिवस पर उनके कृतित्व एवं आदिवासी जनजीवन पर परिचर्चा और गोष्ठी का आयोजन होगा।
1 नवंबर को राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ख्याति प्राप्त लोगों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।